Computer History 1st to 5th Generation | कंप्यूटर का इतिहास आज तक

हेलो फ्रेंड्स आज हम Computer History 1st to 5th Generation के बारे में बात करने वाले है। इस पोस्ट में आप कंप्यूटर के इतिहास यानि प्रथम पीढ़ी से अब तक की कहानी के बारे में विस्तार से जानने वाले है।

कंप्यूटर के बारे में आज कौन नहीं जानता कि कंप्यूटर क्या है और कैसे ये हमारी जिंदगी को तेजी से बदल रहा है लेकिन क्या आपको मालूम है कि कंप्यूटर के लगभग 100 सालो के इतिहास में कितने बदलाव हुए है और आज के मुकाबले शुरुआती कंप्यूटर कैसे होते थे और उनके काम करने के तरीके, आकार-प्रकार, कैसे होते थे?

इसके लिए आपको कंप्यूटर के इतिहास ( Computer History 1st to 5th Generation) को जानना होगा। तो आईये कंप्यूटर की इस विकास यात्रा ( Computer History 1st to 5th Generation ) को शुरू से अब तक समझे।  

Computer History 1st to 5th Generation:

First Generation of computer:

कंप्यूटर की प्रथम पीढ़ी का काल सन 1930- 1956 तक का माना जाता है। यह एक विश्व युद्ध का दौर था जिसने कंप्यूटर की संकल्पना को एक साकार रूप दिया। अर्थात दुनिया का सबसे पहला कंप्यूटर (INIAC) इसी दौर में बना। इस समय के सभी कम्प्यूटर्स शुरुआती दौर थे जो कि आकार में एक विशाल कमरे के बराबर होते थे। 

प्रथम पीढ़ी के इन कम्प्यूटर्स में Vacume Tube का उपयोग किया गया था। जो किसी लाइट बल्ब के सामान होते थे। इसने सिग्नल को एक एम्पलीफायर की तरह मजबूत करने का काम किया। vacume tube बिजली प्रवाह को रोकने के लिए एक स्विच की तरह ही काम करते थे।

ज्यादा बिजली खपत के कारण ये कंप्यूटर काफी ज्यादा गरम हो जाया करते थे। इसलिए इन्हे ठंडा रखने के लिए वातानुकूलित कमरों में ही रखा जाता था। इनमे सिर्फ मशीन लैंग्वेज यूज़ की जाती थी। ये कंप्यूटर बहुत ज्यादा महंगे होते थे। 

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Second Generation Computer:

कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी का समय 1959- 1965 तक का माना जाता है। इस दौर में ट्रांसिस्टर का अविष्कार हो चूका था जी कि वैक्यूम ट्यूब के मुकाबले काफी ज्यादा शक्तिशाली और तेज होते थे। इसके कारण बाद के ये कंप्यूटर प्रोसेसिंग और इनपुट-आउटपुट के मामले में और भी ज्यादा ताकतवर हो गए। 

इन कंप्यूटर का आकार प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर के मुकाबले थोड़ा छोटा हो गया। अब ये कंप्यूटर ज्यादा गरम नहीं होते थे। इस पीढ़ी के कम्प्यूटर्स में प्राइमरी मेमोरी के रूप लिए magnetic cores तथा सेकेंडरी मेमोरी के लिए megnetic disk और magnetic tap का उपयोग किया जाता था।

इस दौरान कम्प्यूटर्स में असेंबली लैंग्वेज और हाई लेवल लैंग्वेज जैसे FORTRON और COBOL आदि प्रोग्रामिंग लैंग्वेज यूज़ की जाती थी। 

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Third Generation Computer:

कंप्यूटर की तृतीय पीढ़ी का दौर 1965 से 1971 तक माना जाता है। इस दौर के कंप्यूटर पहले के मुकाबले अब और भी ज्यादा छोटे और ज्यादा तेज हो गए क्यूंकि अब इनमे ट्रांसिस्टर की जगह IC (Integrated Circuit) का उपयोग होने लगा था। 

एक IC में कई ट्रांसिस्टर और कैपेसिटर्स की ताकत होती है। इन सभी IC को एक सर्किट बोर्ड पर स्थापित किया जाता था जिसे मदर बोर्ड कहा जाने लगा। 

DEC PDP और IBM 360 सीरीज़ के कम्प्यूटर्स इस दौर के सबसे प्रमुख कप्म्यूटर्स रहे है। तीसरी पीढ़ी के कम्प्यूटर्स में C, Pascal, COBOL और FORTRAN जैसी high level language यूज़ की जाती थी। 

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Forth Generation Computer:

सन 1971 से 1980 का समय, वास्तव में यही से ही कंप्यूटर क्रांति का दौर शुरू हुआ। यही वो समय था जब पर्सनल कंप्यूटर जिसे हम micro computer भी कहते है का रूप सामने आया।

इस समय तक कंप्यूटर में IC की जगह VLSI (Very Large Scale Integrated Circuit) का उपयोग शुरू हो गया था। VLSI ने कंप्यूटर का आकार अब इतना छोटा कर दिया कि अब कंप्यूटर को एक टेबल पर आसानी से रखा जा सकता था।  

अब कंप्यूटर पहले मुकाबले काफी सस्ते भी होने लगे जिसके कारण इन माइक्रो कंप्यूटर ने घर घर तक पहुँच बना ली। अब कंप्यूटर का उपयोग लगभग हर तरह के कार्यो में किया जाने लगा क्यूंकि अब कंप्यूटर में एक साथ मल्टीपल कार्य किये जाने लगे। 

इसके साथ ही इन कंप्यूटर के द्वारा time sharing, real time network, और distributing operating system का भी काम आसान हो गया। C और C++ जैसी हाई लेवल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का यूज़ किया लगा। कंप्यूटर के द्वारा अब इंटरनेट का भी उपयोग किया जाने लगा। 

इस दौर से पहले के सभी कम्प्यूटर्स CUI (Character User Interface) आधारित होते थे अर्थार्त उन कंप्यूटर में स्क्रीन पर सिर्फ टेक्स्ट ही दिखाई देते थे।

लेकिन चौथी पीढ़ी के कम्प्यूटर्स में GUI(Graphical User Interface) टेक्नोलॉजी का यूज़ किया जाने लगा जो कि ग्राफिक्स पर आधारित थी। यानि आज हम सब कंप्यूटर स्क्रीन पर जिस प्रकार के Menu, Graphix और images देखते है वो सब इसी दौर के कम्प्यूटर्स में शुरू हुआ।   
  
GUI के कारण अब कप्यूटर में माउस का प्रयोग भी किया जाने लगा। Apple I and II series, ALTAIR 8800, IBM PC इस दौर के सबसे पॉपुलर कप्म्यूटर थे।  

Fifth Generation Computer(1981 to now):

ये वर्तमान और भविष्य के कंप्यूटर माने जाते है। अब VLSI की जगह ULSI(Ultra Large Scale Integration) टेक्नोलॉजी ने ले ली थी। इसी के साथ ही अब Microprocessor Chip का रूप सामने आया जो कि वर्तमान में सभी कंप्यूटर में यूज़ की जाती है। 

इस दौर के कंप्यूटर पहले के मुकाबले लाखो गुना तेज और अधिक विश्वसनीय हो चुके है जिनमे लगातार तेजी से बदलाव देखने को मिल यहा है। अब ये कम्प्यूटर्स सस्ते होने के साथ ही आकर में भी काफी छोटे हो गए है और इसी वजह से कम्प्यूटर्स के कई रूप देखने को मिल रहे है जैसे Mini Computer, Palm Top Computer, Laptop, Digital Notebook, Ultrabook, Chromebook, Robots आदि।   

आगामी दौर में AI (Artificial Intelligence) टेक्नोलॉजी आधारित कम्प्यूटर्स का तेजी से विकास होगा जिसके कारण कम्प्यूटर्स की सोचने और निर्णय लेने की क्षमता भी बढ़ेगी। वर्तमान में भविष्य के कंप्यूटर यानि Quantum Computer पर भी रिसर्च शुरू हो गयी है जो कि कंप्यूटर की दुनिया को एकदम बदलकर रख देंगे। ये कंप्यूटर वो काम भी आसानी से कर पायेंगे जिन्हे आज के सुपर कंप्यूटर भी नहीं कर सकते। 

अंत में:
तो दोस्तों इस पोस्ट में आपने Computer History 1st to 5th Generation के बारे में विस्तार से जाना। अगर आपको ये जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों में जरूर शेयर करे और यदि आपके कोई सवाल या सुझाव हो तो हमे कमेंट करके जरूर बताये। 

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