कम्प्यूटर क्या है | कंप्यूटर के बारे में जानकारी हिंदी में – Full Information 2021

कम्प्यूटर क्या है | कंप्यूटर के बारे में जानकारी हिंदी में – Full Information 2021

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आज के इस आर्टिकल में आप कंप्यूटर के बारे में जानकारी प्राप्त करने वाले हैं कि कम्प्यूटर क्या है, कंप्यूटर कैसे कार्य करता है, कम्प्यूटर कितने प्रकार के होते है, कंप्यूटर के अंगो के नाम और कंप्यूटर के गुण और दोष क्या है। इसलिए आप ये लेख पूरा जरूर पढ़े ताकि आपको कंप्यूटर के बेसिक फंडामेंटल बारे में बेहतर जानकारी एक ही जगह पर प्राप्त हो सकें।

तो आईये कंप्यूटर के बारे में जानकारी प्राप्त करें और सबसे पहले जानते हैं कि कम्प्यूटर क्या है

कम्प्यूटर क्या है /कंप्यूटर की परिभाषा क्या है?

Computer शब्द लेटिन भाषा के Compute शब्द से बना है जिसका अर्थ है गणना करना। इसलिए कम्प्यूटर को हिंदी में संगणक या गणक भी कहते है। शुरुआती कम्प्यूटर सिर्फ गणितीय कार्यों के लिए ही बनाये गए थे परन्तु समयानुसार इसमें जरुरी बदलाव होते गए और कम्प्यूटर का वर्तमान स्वरुप आज हमारे सामने है। 

अगर कंप्यूटर को एक परिभाषित रूप में जाने तो इसका मतलब है – 
“कंप्यूटर एक ऐसी स्वचालित इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो हमारे द्वारा बताये गए प्रोग्रामों के नियंत्रण में आकड़ो का संसाधन (Processing) तेजी एवं परिशुद्धता से करते हुए अर्थपूर्ण सूचनाओं का सृजन करता है।” 

कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है ?

आईये अब Computer शब्द को विस्तार से जानते है:-

C- Commonly
O- Operated
M- Machine
P- Particularly

U-Used for
T- Technology
E-Education and
R- Research

कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया?

आज हम जो भी कंप्यूटर देखते है वह सब सतत विकास की प्रक्रिया का परिणाम है। अर्थात शुरुआती कम्प्यूटर आज के जैसे नहीं थे, कंप्यूटर का पीढ़ी दर पीढ़ी विकास हुआ है।

लेकिन सीधे तौर पे कहे तो चार्ल्स बैबेज को ही आधुनिक कंप्यूटर का जनक (Father of computer) कहा जाता है उन्होंने ही सर्वप्रथम सन 1937 में एक मैकेनिकल कंप्यूटर का अविष्कार किया था जिसका नाम Analytical Engine रखा गया।

कम्प्यूटर कितने प्रकार के होते है ?

1. तकनीक के आधार पर कम्प्यूटर के प्रकार :

तकनीक के आधार पर कम्प्यूटर को तीन भागों में बांटा गया हैं –

  1. डिजिटल कंप्यूटर
  2. एनालॉग कंप्यूटर
  3. Hybrid computer (मिश्रित कम्प्यूटर)

1 . डिजिटल कंप्यूटर क्या है

डिजिटल कंप्यूटर सूचनाओं के रूप में बाइनरी संख्या (0 और 1) को स्वीकार करते है। मतलब ये सूचनाओं को नंबर के रूप में स्वीकार करता है और ये किसी न किसी सॉफ्टवेयर द्वारा संचालित होते है।

इसमें बड़ी बड़ी संख्याओं, आंकड़ों को संग्रहित किया जा सकता हैं आवश्यकतानुसार तत्काल प्राप्त भी किया जा सकता हैं।

जब भी हम कंप्यूटर के बारे में बात करते है तो हमारा इशारा डिजिटल कम्प्यूटर की ओर ही होता है। आजकल हम अपने आसपास जितने भी प्रकार के कम्प्यूटर देखते है वो सब डिजिटल कंप्यूटर के ही रूप है फिर चाहे वो आपका Mobile Phone हो या Laptop, Desktop हो या फिर Digital Watch ये सब डिजिटल कंप्यूटर के ही रूप हैं।

2 . एनालॉग कंप्यूटर क्या है ?

एनालॉग कंप्यूटर एक तरह से मेकेनिकल कम्प्यूटर होते है जिन्हे किसी भी प्रकार के सॉफ्टवेयर की जरुरत नहीं होती है। ये सूचनाओं को भौतिक रूप में स्वीकार करते हैं जैसे – तापमान या वायु दाब आदि।

भू – विज्ञान, सामुद्रिक विज्ञान, इंजीनियरिंग के क्षेत्र में इस तरह के कम्प्यूटरों का सर्वाधिक उपयोग किया जाता हैं।

इस प्रकार वायु दाब मापी यंत्र जैसे बैरोमीटर या तापमापी यंत्र – थर्मामीटर, वोल्टेज को मापने में प्रयोग किया जाने वाला स्टबलाइज़र आदि एनालॉग कंप्यूटर के उदाहरण है।

3 . Hybrid Computer (मिश्रित या संकर कम्प्यूटर):

हाइब्रिड कम्प्यूटर में डिजिटल और एनालॉग दोनों के गुणों का समावेश होता है। हाइब्रिड कम्प्यूटर एनालॉग कम्प्यूटर के समान मापन में समर्थ होता हैं जिसे डिजिटल कम्प्यूटर के समान अंकों में बदलाव कर प्रदर्शित किया जाता हैं।

2. क्षमता और सामर्थ्य के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार:

क्षमता और सामर्थ्य के आधार पर कंप्यूटरो को चार श्रेणियों में विभाजित गया हैं- Microcomputer, Minicomputer, Mainframe और Supercomputer

Micro Computer माइक्रो कम्प्यूटर क्या है ?

आपके घर में जो भी Laptop या Desktop या Smart Phone कंप्यूटर होता है वो सब माइक्रो कम्प्यूटर (पर्सनल कंप्यूटर के प्रकार) ही है। माइक्रो कम्प्यूटर सिंगल यूजर होते हैं जिन्हे सिर्फ एक बार में सिर्फ एक ही व्यक्ति use कर सकता हैं।

ये कंप्यूटर साधारणतया घरेलू या ऑफिस के कार्य करने के लिए ही डिज़ाइन किये गए है जिसके लिए ज्यादा processing power की जरुरत नहीं होती है।

माइक्रो कम्प्यूटर को personal computer भी कहते है क्यूंकि आजकल प्रत्येक व्यक्ति अपने पर्सनल कार्य के लिए भी इनका उपयोग करता है।

Minicomputer क्या है ?

मिनी कंप्यूटर की कार्य क्षमता माइक्रो कम्प्यूटर के मुकाबले ज्यादा होती है। इन पर एक साथ कई व्यक्ति कार्य कर सकते हैं। ऐसे computer ज्यादातर बैंक, छोटी कंपनियां या कार्यालयों के लिए लाभदायक होते है।

Mainframe कम्प्यूटर क्या है?

Mainframe कम्प्यूटर मिनी कंप्यूटर के मुकाबले तेज और आकार में काफी बड़े होते है। इसमें सैकड़ो कर्मचारी एक साथ कार्य कर सकते हैं मेनफ्रेम कम्प्यूटर को एक स्थान पर स्थापित करके अनेक टर्मिनल को इससे जोड़ दिया जाता हैं।

इन टर्मिनल्स पर अनेकों उपयोगकर्ता एक साथ कार्य करते हुए मेनफ्रेम कंप्यूटर से सम्बंधित रहते है। कई बड़ी बड़ी कंपनियां बैंक, संस्थाएं आदि अपने कार्यों के इन कम्प्यूटरों कमा इस्तेमाल करती है।

Super computer क्या है ?

सुपर कम्प्यूटरों का आकार व Data storage capacity एवं Processing Speed अन्य सभी तरह के कम्प्यूटरों के मुकाबले बहुत ज्यादा होती हैं। सुपर कम्प्यूटर एक सेकंड में 9 अरब से भी ज्यादा निर्देशों का निष्पादन एक साथ कर सकता है।

इन कम्प्यूटरों का उपयोग लगभग सभी क्षेत्रों में किया जाता है जैसे – शोध व् अनुसन्धान करने में, अंतरिक्ष विज्ञान में, उपग्रह के प्रक्षेपण में, अन्य ग्रहों की गणना व दूरिया मापने में, मौसम के पूर्वानुमान आदि उच्च स्तरीय कार्यो में।

कम्प्यूटर के विभिन्न भाग/कंप्यूटर के अंगो के नाम:

कम्प्यूटर के प्रमुख रूप से चार भाग होते है – CPU, Key board, Monitor, Mouse. ये सभी मिलकर एक कम्प्यूटर सिस्टम कहलाते है। इन सभी के अलावा भी कम्प्यूटर में आप extra device जोड़ सकते है जैसे – प्रिंटर, स्पीकर, माइक्रोफोन, जॉयस्टिक, CD, पेन ड्राइव आदि बहुत कुछ।

CPU सी पी यू क्या होता है ?

CPU (Central Processing Unit) कम्प्यूटर का सबसे महत्वपूर्ण अंग होता हैं। इसके बिना कम्प्यूटर काम नहीं कर सकता। इसे कम्प्यूटर का मस्तिष्क (Brain ऑफ़ Computer) भी कहते है। गणना संबंधी कार्य CPU के द्वारा ही संपन्न किये जाते हैं। इसके द्वारा ही कम्प्यूटर पर नियंत्रण स्थापित होता है।

इसमें प्रोसेसर, हार्ड डिस्क, सी डी ड्राइव और मदर बोर्ड आदि भाग होते है। ये सभी केबलों द्वारा आपस में जुड़े रहते है।

CPU को तीन भागो में विभाजित किया गया है :-

  1. ALU (Arihtmatic Logical Unit) अंक गणितीय एवं तार्किक इकाई
  2. MU (Memory Unit) मेमोरी इकाई
  3. CU (Control Unit) नियंत्रण इकाई
(1) ALU (Arithmetic Logic Unit):

ALU को हिंदी में अंकगणितीय एवं तार्किक इकाई भी कहते है। कंप्यूटर में समस्त गणितीय कार्य जैसे जोड़, बाकि, गुणा, भाग और इसके अलावा समस्त तार्किक कार्य जैसे कौनसी संख्या बाकि संख्या से छोटी या बड़ी है या बराबर है इत्यादि कार्य इसी इकाई द्वारा किये जाते है। इसके अलावा डाटा का मिलान करना, संख्या का चयन करना और मिलान करना आदि कार्य भी इसी के द्वारा किये जाते है। 

(2) CU (Control Unit): 

कण्ट्रोल यूनिट CPU का मुख्य भाग होता है। यह कंप्यूटर के इनपुट और आउटपुट को कण्ट्रोल करता है। कंप्यूटर में जो भी कमांड दिये जाते है उनकी प्रोसेसिंग और आउटपुट इसी Control Unit द्वारा निर्देशित की जाती है। यानि कि हम यह कह सकते है कि Control Unit पूरे कम्प्यूटर सिस्टम का मुख्य कमांडर है और जब तक कम्प्यूटर On है तब तक इसकी समस्त इकाईया कण्ट्रोल यूनिट के निर्देशन में ही कार्य करती है।  

(3) MU (Memory Unit):

कंप्यूटर का वह भाग जो डाटा को स्टोर करने का कार्य करता है उसे memory unit कहा जाता है। मेमोरी यूनिट के दो भाग होते है- Primary Memory और Secondary Memory 

Primary Memory किसे कहते है ?

Primary Memory (प्राथमिक मेमोरी) जिसे अस्थायी मेमोरी भी कहते है कंप्यूटर के Operating System को लोड करने और सभी प्रोग्रामों को चलाने का कार्य करती है। प्राइमरी मेमोरी को दो भागो में बांटा गया है- RAM और ROM में। 

Secondary Memory किसे कहते है ?

सेकेंडरी मेमोरी जिसे स्थायी मेमोरी भी कहा जाता है। इसमें Data को स्थायी रूप से स्टोर करके रखा जा सकता है ताकि उस डाटा को बाद में फिर से use किया जा सके। Hard Disk, USB Flash Drive, CD ROM आदि सेकेंडरी स्टोरेज के रूप है। 

की – बोर्ड ( Key – Board) क्या है ?

यह एक इनपुट डिवाइस होता है जिससे CPU में कम्प्यूटर को जाने वाली सभी सूचनाएं प्रवेश करती हैं। की – बोर्ड के बटनों पर सभी अक्षर ओर संख्याएं लिखी होती है। की – बोर्ड एक इलेक्ट्रॉनिक टाइप राइटर की तरह ही दिखाई देता है।

की बोर्ड पर बहुत सारी कुंजियाँ (Keys) बानी होती है: जैसे – अंक संबंधी कुंजी (Numeric Keys), वर्णमाला संबंधी कुंजी (Alphabet keys), स्पेसबार कुंजी (Spacebar Keys), एंटर कुंजी (Enter Keys), कार्य संबंधी कुंजी (Function Keys), निर्देश संबंधी कुंजी (Arrow keys) आदि।

मॉनिटर (Monitor) क्या है ?

मॉनिटर एक टेलीविजन की स्क्रीन की तरह दिखाई देता है। यह आउटपुट डिवाइस है। आप जो भी कार्य कर हे हो उसे आप मॉनिटर पर देख सकते है। मॉनिटर विभिन्न प्रकार के होते है जैसे – CRT Monitor, LCD Monitor, LED Monitor आदि।

माउस (Mouse) क्या है ?

यह एक पॉइंटिंग डिवाइस है। यह स्क्रीन पर पॉइंटर को आगे पीछे चलाता है। जब हम चलाते है तो पॉइंटर या कर्सर भी मॉनिटर पर उसी दिशा में चलने लगता है। माउस को हम माउस पैड पर रखकर कार्य करते है। इसमें तीन बटन होते है – Left, Middle, Right .

Computer Device कितने प्रकार के होते है?

Computer Device को मुख्यतः दो भागो में बांटा गया है – Input Unit और Output Unit में। 

(1) Input Unit: निवेश इकाई किसे कहते है

किसी भी समस्या को हल करने के लिए कम्प्यूटर प्रोग्राम तथा डाटा स्वीकार करता है। कम्प्यूटर में सूचनाओं, प्रोग्रामो तथा डाटा की प्रविष्टि के लिए उपलब्ध साधन निवेश इकाई कहलाते है। कुछ प्रमुख इनपुट डिवाइस key-board, mouse, floppy disk, scanner आदि है।  

(2) Output Unit: निर्गम इकाई किसे कहते है ?

निवेश इकाई की भांति ही निर्गम इकाई मनुष्य तथा मशीन के मध्य सम्प्रेषण के साधन है। इन्हे कंप्यूटर से प्राप्त निष्कर्षों को लिखने तथा उन निष्कर्षो को मानवीय भाषा में प्रस्तुत करने के लिए प्रयुक्त किया जाता है। कुछ प्रमुख output साधन है, जैसे: monitor, printer, speaker इत्यादि। 

Data क्या होता है?

जो भी कार्य यूजर द्वारा key-board से कम्प्यूटर में feed किया जाता है उसे डाटा कहते है।अपरिष्कृत समूहों को Data कहा जाता है। इसके बाद कंप्यूटर उस डाटा को प्रोसेस करके उसे अर्थपूर्ण सूचना में बदल देता है। 

इसे अगर आसान शब्दों समझे तो कम्प्यूटर में Input के रूप में Data फीड किया जाता है और Output के रूप में हमे Information यानी सूचना प्राप्त होती है। 

अब बात करते है Computer System की तो Hardware और Software दोनों के कॉम्बिनेशन को Computer System कहते है। 

Hardware किसे कहते हैं ?

कंप्यूटर से जुड़े हुए उन सभी भौतिक भागो को जो कंप्यूटर के अंदर या बाहर कही भो हो सकते है तथा जिन्हे हम देख या छू सकते है, Hardware कहलाते है। जैसे :- Keyboard, Mouse, Printer, Scanner, CPU, IC आदि। 

Software किसे कहते है ?

कंप्यूटर के विभिन्न हार्डवेयर डिवाइस पर नियंत्रण रखने के लिए उपयोग में किये जाने वाले संसाधनों को Software कहा जाता है। Software को छुआ नहीं जा सकता,  देखकर उसमे कार्य किया जा सकता है। 

कंप्यूटर के गुण और दोष क्या है?

[1] कंप्यूटर के गुण :

1. Speed (गति) :

कंप्यूटर की सबसे बड़ी विशेषता इसकी fast speed में काम करना है। और वैसे भी कंप्यूटर को बनाया ही इसलिए गया है कि ये जटिल से जटिल कार्यो को बेहद कम समय (नेनो सेकण्ड) में पूरा कर पाये।

2. Storage Capacity (भंडारण क्षमता) :

कंप्यूटर में एक मेमोरी यूनिट (hard disk) होती है जिसमे Data और information को स्टोर करके रखा जाता है जिन्हे जरुरत पड़ने पर कभी भी use किया जा सकता है।

इस डाटा या information को हम जब तक चाहे कंप्यूटर में रख सकते है और जब चाहे उसे delete भी कर सकते है। जितनी ज्यादा कंप्यूटर की Storage capacity होगी उतना ही Data उसमें स्टोर किया जा सकता है।

3. Accuracy (शुद्धता):

कंप्यूटर की ये सबसे बड़ी विशेषता होती है कि कंप्यूटर 100% शुद्धता से कार्य करता है। अब शायद आप कहेंगे कि कभी कभी तो कंप्यूटर mistake भी कर देता है तो आपका सोचना सही है परन्तु ऐसा सिर्फ तभी सम्भव है कि यदि कंप्यूटर को कोई गलत कमांड दे दिया जाये या फिर उसकी प्रोग्रामिंग में ही कोई बग आ जाये।

इसके अलावा कंप्यूटर कभी भी आपको गलत रिजल्ट नहीं देगा क्यूंकि कंप्यूटर Garbage in garbage out सिद्धांत पर कार्य करता है। अर्थात जैसे को तैसा

4. Automation (स्वचालन):

कंप्यूटर की यह एक बहुत बड़ी खूबी है कि एक बार इसे कमांड दे दिया तो फिर ये तब तक लगातार काम करता रहेगा जब तक इसे रोकने का कमांड न दिया जाये।

5. Versatility (बहु उपयोगिता ):

कंप्यूटर एक ऐसी मशीन है जिसका इस्तेमाल आजकल सभी क्षेत्रों में किया जाने लगा है। कोई विशेष काम कराने के लिए बस एक special program की जरुरत होती है।

[2] कंप्यूटर की सीमायें :

  • कंप्यूटर इंसान की तरह सोच नहीं सकता
  • कंप्यूटर की एक निश्चित गति और Storage Limit होती है।
  • कंप्यूटर स्वयं कोई निर्णय नहीं सकता, इसके लिए इसे मानवीय सुझाव की जरूरत होती है।

At Last:
दोस्तों कंप्यूटर टेक्नोलॉजी आज बहुत ज्यादा एडवांस हो चुकी और आज भी कम्प्यूटर लगातार बदलते जा रहे है। जैसे जैसे टेक्नोलॉजी बदलती जाएगी कंप्यूटर पहले से और ज्यादा Powerful, Fast और Intelligent होते जायेंगे।

तो दोस्तों उम्मीद करता हु कि इस आर्टिकल से आपको कंप्यूटर के बारे में बहुत कुछ जानने को मिला होगा कि कि कम्प्यूटर क्या है, कंप्यूटर कैसे कार्य करता है, कम्प्यूटर कितने प्रकार के होते है

अगर आपको कंप्यूटर के बारे में जानकारी पसंद आयी हो तो इसे अपने दोस्तों में भी शेयर करे। और यदि आपके कोई सवाल या सुझाव हो तो हमे कमेंट करके जरूर बताये। 

कंप्यूटर की जानकारी हिंदी में pdf

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